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कृषि एवं लघु वनोपज परिचर्चा - जन शिक्षण संस्थान विकास भारती दुमका

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 आज दिनांक 15 फरवरी 2023 को प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल रामगढ़, दुमका  में विकास भारती के 40वें वर्षगांठ पर 40 दिन 40 कार्यक्रम के उपलक्ष में जन शिक्षण संस्थान विकास भारतीय दुमका एवं तेजस्विनी परियोजना दुमका की सामूहिक प्रयास से "कृषि एवं लघु वनोपज परिचर्चा" कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जिसमें मुख्य अतिथि जन शिक्षण संस्थान विकास भारती दुमका के प्रभारी निदेशक श्रीमती अन्नू, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी (आजीविका) दर्शन हेंब्रम, तेजस्विनी परियोजना के कार्यक्रम प्रबंधक अभिनंदन कुमार एवं अनुश्रवण एवं मूल्यांकन विशेषज्ञ मनोज कुमार सिन्हा, प्रशिक्षण एवं युवा विकास विशेषज्ञ रामचंद्र सिंह, माननीय मुखिया प्रेमलता सोरेन, भतुरिया सी.सी. नागेंद्र राय, आनंद कुमार, सत्यानंद सत्यम, अनिल सोरेन, जगबंधु मंडल, हरि सोरेन, पवन कुमार, मीनू कुमारी, प्रेमलता कुमारी, राजनंदिनी कुमारी  के साथ 100 से ज्यादा लोग मौजूद रहे।

जन शिक्षण संस्थान विकास भारती दुमका की प्रभारी निदेशक श्रीमती अन्नू ने अपने संबोधन में कृषि नीति के तहत भारतीय कृषि की छिपी हुई व्यापक विकास संभावनाओं का लाभ उठाने एवं गांव को अधिक दृढ़ बनाने के साथ कृषि संबंधित विकास को प्रोत्साहन मिल सके और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का अधिकाधिक सृजन हो इसके लिए कृषि श्रमिकों एवं ग्रामीणों को संबोधित किया एवं ग्रामीण क्षेत्रों की ओर से शहरों की ओर पलायन पर अंकुश लग सके इसके लिए कृषि के लाभ एवं आने वाली चुनौतियों का सामना कैसे करना है उसके बारे में जानकारी दिया साथ ही लघु वनोपज को भी बढ़ावा देने के लिए ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया। जिससे क्षेत्र में आर्थिक क्रांति आएगी और गांव का विकास होगा। उन्होंने ग्रामीणों को जंगल से मिलने वाली वनोपज जैसे - महुआ, हर्रा, बहेड़ा, आंवला, लाख, चार-चिरौंजी, शहद, मोम, टसर, तेंदू के पत्ते इत्यादि को संकलित कर बेचने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया। जिससे क्षेत्र के लोगों की आय में वृद्धि हो एवं अपने क्षेत्र के वनों को बढ़ाने के लिए पौधरोपण करने की भी जानकारी दी एवं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के पास खेती करने के लिए 2 एकड़ या उससे कम जमीन रहने पर  सरकारी सहायता के रूप में मिलने वाली ₹6000 वार्षिक राशि का उपयोग खेती में किस प्रकार करना है इसके बारे में जानकारी दिया गया एवं बैंकों से मिलने वाली केसीसी लोन के बारे में भी जानकारी दिया गया।

इसी कड़ी में तेजस्विनी परियोजना के कार्यक्रम प्रबंधक अभिनंदन कुमार एवं अनुश्रवण, मूल्यांकन विशेषज्ञ मनोज कुमार सिन्हा एवं युवा विकास विशेषज्ञ रामचंद्र सिंह ने राष्ट्रीय वन नीति के बारे में जानकारी दिया एवं बताया कि राष्ट्रीय वन नीति देश के सामान्य कल्याण को बढ़ावा देने के लिए जंगलों के प्रबंधन के उद्देश्य के साथ प्रख्यात की गई है जिसका उद्देश्य संरक्षण और उत्पादन के बीच संतुलन लाना है।

कार्यक्रम का समापन जन शिक्षण संस्थान विकास भारती दुमका के सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी (आजीविका) दर्शन हेंब्रम के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।





























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